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Sunday, May 8, 2011

जब याद बहुत दिल करता है

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रोता हूँ मैं बहुत, कभी मैं हंस लेता हूँ
वज़हे-खुशी खातिर तुझको याद कर लेता हूँ
बहुत दिल करता है तो खत लिख लेता हूँ

Monday, May 2, 2011

हद से गुजर जाने दो मुझे

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ये अंजाम तो बर्बाद होने दो मुझे
अपनी ही नज़रों से गिरने दो मुझे

मुझे किसी संग दिल की याद में
शीशे सा टूटने दो, बिखरने दो मुझे

खता मेरी ही थी जिया उसके लिए
अब मौत की राह पर चलने दो मुझे

Wednesday, February 16, 2011

मेरा प्यार - उसकी मोहब्बत

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सिर्फ तुम्हारा यूँ राहें चलते जाना नहीं है बड़ी बात,
ताकती है वो राह, इन्तेज़ार ये उसका, है बड़ी बात

याद आई उसकी, और बस तुमने आँसूं बहा लिए,
समेटना आंसूं को पलकों में ही उसका, है बड़ी बात

प्यार है तुमसे, कह तुमने कर लिया हल्का दिल,
खामोशी से बरसों उसका इश्क करना, है बड़ी बात

Tuesday, January 25, 2011

हमने सिर्फ गणतंत्र मनाया

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हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई, सबको इसने अपने में समाया
मैंने सोचा कि सोचें इतने सालों में हमने क्या खोया पाया
कुछ भूख से रोते बिलखते बच्चों को भूखे पेट सोता पाया
शहीद जवानों के मौत के सदमे से माँ को पत्थर हुआ पाया

Sunday, January 23, 2011

कभी यूँ हुआ भी होता

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कभी मै के नशे का खुमार उतरा भी होता
लाख कोशिश की पर मैं उसको भूला भी होता

दूर रह कर जिस्म में साँसें ले रहा उसका प्यार
मैंने कभी उसको यादों से अलग किया भी होता

जिस पर निसार किया मैंने ये दिलो जाँ,
कभी तो उसकी जुबां से इकरार सुना भी होता

Monday, December 13, 2010

तेरा मेरा कल, तेरा मेरा आज

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तुझसे अलग मैं, मुझसे तू थोड़ा दूर ज़रा था
खता ना तेरी ना मेरी, वक्त ही अलग सा था

था इश्क तेरे दिल में, और मेरे दिल में भी,
छाया था जो हम पर वो अब्र बदगुमानी का था

कड़कती बिजलियाँ, कहीं थी तेज आंधियाँ,
तेजाबी बारिश में कहीं कहीं दिल भी जला था

Sunday, September 19, 2010

तेरे ख्यालों में

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समंदर की ताज तुम लहरें, कैसे तुम्हारा नसीब ना होगा
तैरोगी सरहदे समंदर, साहिल पे आके तुमको टूटना होगा |

मुझे दर्द ओ गम है, डर है तुमसे जुदाई का
डरता ना हो, ऐसा इस जहान में कोई इंसान ना होगा |

यूँ तो दिखलाता है बखूबी, कि तू पत्थर दिल है,
माने गर तेरी बात, सीने में धड़कन जैसा कुछ ना होगा |

पर उसमें भी है धड़कन, जो दिल तेरे सीने में हैं,
अब ज़ज्बात भरे हों जिसमें बेंतेहाँ, वो पत्थर ना होगा |

Wednesday, July 21, 2010

जब इश्क मजबूर नज़र आता हो

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तूने मुझे अपना माना हो या ना माना हो,
दिल के करीब चाहे मेरी कोई जगह ना हो |

हैं चाहे मेरी हर आहट अब भी पराई,
मेरी हर कोशिश में मतलब दिखता हो |

ना जाने कैसे समझा पायेगें हम उसको,
जब वो हर बात से कुछ अन्जाना सा हो |

तुमसे इतना इश्क है,कैसे भूलें तुमको,
जब तुमको भूलना जिंदगी भूलने जैसा हो |

Wednesday, July 7, 2010

खुशी की बात करते हैं

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चल आज उन बीते लम्हों को याद करते हैं,
क्यूँ रोये हम, कुछ खुशी की बात करते हैं |

तेरे चेहरे के नूर का असर इस क़दर,
वो मेरे चेहरे पर खुशी का आगाज़ करते हैं |

इतनी बार बोला तुमने हमसे, कि प्यार है,
लो आज हम भी इज़हार-ऐ-मोहब्बत करते हैं |

Tuesday, June 29, 2010

दिल तेरी चाहत कर रहा है

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गुजरते हुए वक्त भी, खुद बदल रहा है,
मुझे में तेरा प्यार कुछ और संवर रहा है |

ये जानते हो तुम भी, ना चाहा था मैंने
पर ख़ामोश कब से ये दिल जल रहा है |

रहा तू सदा बेखबर क्यूँ मुझसे, पूछता
तेरे ख़ातिर दिल क्या ख़याल बुन रहा है |

वस्ले वक्त अब सामने, खत्म है इन्तेज़ार,
दिल अब मिलन का इंतज़ार कर रहा है |

Wednesday, June 23, 2010

तेरा शुक्रिया कर रहा होता

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ऐ दोस्त अगर तेरी दोस्ती का सहारा ना होता,
गम की ना जाने किन गलियों में भटक रहा होता |

क्यूँ वक्त ने बना दिए हैं फासले हमारे बीच,
अगर होता बस में मेरे, फासले कम कर रहा होता |

टूटा टूटा, बिखरा बिखरा था यहीं कहीं,
तूने समेटा प्यार से, वरना मैं बिखरा ही रहा होता |

Tuesday, June 8, 2010

चलो मिल जाएँ इसी बहाने

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आया है मौसम, आने वाली है फिर बरसात जाने,
रहे अब तलक दूर हम, चलो मिल जाएँ इसी बहाने |

सब रिश्ते चले जाते हैं, नहीं जाती ये दोस्ती,
क्यूँ याद रहती है, चाहे जाए कोई इसको लाख भुलाने |

गुलशन था तो तड़पता था, सहरा में मिली तेरी छांव,
याद नहीं,करे होंगें किसी जनम हमने अच्छे कारनामे |

Thursday, June 3, 2010

किस पर लिखूँ ?

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आज सोचता रहा तेरी किन अदाओं पर लिखूँ,
उन अदाओं से बार बार हुई मोहब्बतों पर लिखूँ |

अपने पहले पहल हुए मिलन की उत्सुकता पर,
या तेरे कूचे से वापसी की बोझिल साँसों पर लिखूँ |

उस दिन तेरे मेरे बीच की बातों मुलाकातों पर,
या उन बातों की मीठी मीठी यादों पर लिखूँ |

Friday, May 28, 2010

उसकी तनहा रात, क्या यूँ ही चलेगी

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कब तक अशआर* की ये कहानी चलेगी,
कब तक यूँ पलकों में वो आंसूं रोकती रहेगी,
उसकी तनहा रात, क्या यूँ ही चलेगी ?

उसके सीने में गम, कब तक पलेगें यूँ ही,
रोती होगी खुद में, जग को हंसाती रहेगी |
उसकी तनहा रात, क्या यूँ ही चलेगी ?

Sunday, May 23, 2010

जब वो ठंडी हवा का झोंका आया

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कल शाम मैं जब उठा था रो कर,
बोझिल अपने ख्यालों से थका हार कर,
अचानक ज़ेहन में तेरा हंसीं चेहरा आया |
जब वो ठंडी हवा का झोंका आया |

ले गया वो अपने साथ मुझे,
और फिर तेरी यादों से मिलवाया |
मेरे चेहरे पे रौनक लौटा लाया,
जब वो ठंडी हवा का झोंका आया |

Saturday, May 22, 2010

रास्ते और मिल जायेगें

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वो कहते हैं हमसे कि, क्यों दीवाने हो,
राहें ज़िन्दगी की और चलो, लोग और मिल जायेगें |

माना यूँ तो मिलेगें लोग जिंदगी में और बहुत ,
पर कैसे कहें आप जैसे हमें यूँ कहाँ से मिल जायेगें |

गर जाना होगा तुमको, आंसूं कैसे रोकेगें रास्ता,
मुस्कुराहटों से तुझे वापस आने के बहाने मिल जायेगें |

Tuesday, May 11, 2010

इश्क हुआ लगता है

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तू है मेरा तो, ये जहाँ अपना लगता है |
कहते अशआर, तेरा साया पास लगता है | [अशआर = शेर का बहुवचन]

देखता हूँ जब बादलों में छिपे चाँद को,
वो घूंघट में छिपा तेरा मुखड़ा लगता है |

देखा है मैंने जब भी तुमको हमदम,
तू हमेशा मेरे दिल का टुकड़ा लगता है |

Sunday, May 9, 2010

अब जाने कहाँ !

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Its Mothers day today. And  its Mom. I am missing a lot. Being so much away from my family. On this day I am missing every one.  I always thought that why we are celebrating these days. Whats there to celebrate. But believe, it is worth celebrating, and 'em how much love we do. I am so much away from my family and I am missing that a lot. While writing this I was in public park. could not stop myself being emotional. Its true that my eyes were filled with tears, but nothing rolled off from my eye : my latest practice :)  Thanks to you ;)    
I miss all my family. I love them, with all of my heart.

_____ अब जाने कहाँ !______

चाहे कद बहुत ऊँचे हो गए हों हमारे,
पर बाबा, तुम्हारे कन्धों की ऊँचाई अब जाने कहाँ |

चाहे एसी कूलर  के झोंकों में रहते हों,
पर माँ, तेरे आँचल की शीतलता अब जाने कहाँ |

Thursday, April 22, 2010

I see you

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It was long time,
When I saw in your eyes.
That was first time,
Heart said, " I see you."

Heart felt the beat again,
I sensed life again,
That was first time,
I felt "I love you."

Tuesday, April 20, 2010

ये तुझसे कहना है

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दिल्लगी मेरी फितरत नहीं,
दिल फेंकना मेरी आदत नहीं | 

तुझसे इश्क है मुझे,
यूँ बातें बनाना मेरा शौक नहीं |

तेरे सारे गम मैं कर लूं अपने,
तेरे अलावा मेरा हमदम और नहीं |