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Monday, May 23, 2011

मुझे आशिक बन जाने दो

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आखरी बार ही सही मुझे हार जाने दो
मर के जी जाने दो जीकर मर जाने दो

सिला-ऐ-इश्क हमें ही है चुकाना जानशीं
ना सोचो कुछ मुझे मुफलिस हो जाने दो

शायद ये अब्रे जुल्फ कभी ना बरसेगा 
पर उस आरज़ू में रूह तर कर जाने दो

Sunday, May 8, 2011

जब याद बहुत दिल करता है

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रोता हूँ मैं बहुत, कभी मैं हंस लेता हूँ
वज़हे-खुशी खातिर तुझको याद कर लेता हूँ
बहुत दिल करता है तो खत लिख लेता हूँ

Monday, May 2, 2011

हद से गुजर जाने दो मुझे

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ये अंजाम तो बर्बाद होने दो मुझे
अपनी ही नज़रों से गिरने दो मुझे

मुझे किसी संग दिल की याद में
शीशे सा टूटने दो, बिखरने दो मुझे

खता मेरी ही थी जिया उसके लिए
अब मौत की राह पर चलने दो मुझे

Monday, April 11, 2011

सच हो या सपना

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वो मुक्त आकाश में पंछी स्वछंद
मेरी मित्र वो मेरे दिल की पसंद

जैसे हो ह्रदय की अविरामी गति
स्वयं राही है, वो स्वयं प्रगति

वो जैसे अधरों पे सजी मुस्कान
अतुल्य है उसका आत्मसम्मान

Saturday, March 26, 2011

जब से उनसे मोहब्बत है

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दिलबर करते नहीं ऐतबार मेरा पर तहे दिल रहते हैं
वो हैं राहों से कोसों दूर पर हमसफ़र का हक रखते हैं

दिले नादाँ का भी क्या कसूर जो फ़िदा हुआ उनपे
हमनफस वो चेहरे पर कुछ फरिश्तों जैसा नूर रखते हैं

हमज़मीं से हम बस साथ है जीते हैं इस जहाँ में,
मैंने कब और कौनसा वो मेरे वादों पे एतिकाद करते हैं

होगा ये शब भर का चाँद दुनिया के लिए बहुत दूर
हम तो रोज की तन्हाई में बस उससे ही बात करते हैं

Friday, February 25, 2011

सुलझा अनसुलझा सवाल

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सवाल हूँ कोई अनसुलझा सा, जवाब ढूँढता हूँ
या जवाब शायद ऐसा जो खुद से सवाल करता हूँ

कभी बहुत ख़ामोशी से मैं खुद से भी पूछता हूँ
क्यूँ उसे ऐसे बेपरवाह बेपनाह मोहब्बत करता हूँ

सवाल है कि जो मैं करता हूँ वो क्यूँ करता हूँ,
क्या ये मैं सही करता हूँ या फिर गलत करता हूँ

Wednesday, February 16, 2011

मेरा प्यार - उसकी मोहब्बत

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सिर्फ तुम्हारा यूँ राहें चलते जाना नहीं है बड़ी बात,
ताकती है वो राह, इन्तेज़ार ये उसका, है बड़ी बात

याद आई उसकी, और बस तुमने आँसूं बहा लिए,
समेटना आंसूं को पलकों में ही उसका, है बड़ी बात

प्यार है तुमसे, कह तुमने कर लिया हल्का दिल,
खामोशी से बरसों उसका इश्क करना, है बड़ी बात

Sunday, January 23, 2011

कभी यूँ हुआ भी होता

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कभी मै के नशे का खुमार उतरा भी होता
लाख कोशिश की पर मैं उसको भूला भी होता

दूर रह कर जिस्म में साँसें ले रहा उसका प्यार
मैंने कभी उसको यादों से अलग किया भी होता

जिस पर निसार किया मैंने ये दिलो जाँ,
कभी तो उसकी जुबां से इकरार सुना भी होता

Sunday, January 2, 2011

यूँ मेरा दिल करे

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अब गैर सी हर पनाहों से गुजर जाने को दिल करे,
मैं हमराही नहीं, राहों से दूर निकल जाने को दिल करे

किसी के सहारे की ना आस ना आरजू है कोई ,
आसरे की हर ज़रुरत से अलग हो जाने को दिल करे

ख़ाक हो चुके गुलशने इश्क उस मगरूर खिज़ा में,
क्या ऐतबार, बहारों भी से परे चले जाने को दिल करे

Saturday, December 25, 2010

देना ही है अगर

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मेरे सामने हमेशा रास्ता-ऐ-उल्फत रहा
शूल काँटें मेरी आहें अब और ना सता

गर जिल्लत ही देनी है मौला तो दे दे
रहम कर इज्जत के अलफ़ाज़ ना सुना

मौत ही बक्शी है जो तूने दर्दनाक तो
बहारे जिंदगी की झूठी राहें ना दिखा

Sunday, September 19, 2010

तेरे ख्यालों में

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समंदर की ताज तुम लहरें, कैसे तुम्हारा नसीब ना होगा
तैरोगी सरहदे समंदर, साहिल पे आके तुमको टूटना होगा |

मुझे दर्द ओ गम है, डर है तुमसे जुदाई का
डरता ना हो, ऐसा इस जहान में कोई इंसान ना होगा |

यूँ तो दिखलाता है बखूबी, कि तू पत्थर दिल है,
माने गर तेरी बात, सीने में धड़कन जैसा कुछ ना होगा |

पर उसमें भी है धड़कन, जो दिल तेरे सीने में हैं,
अब ज़ज्बात भरे हों जिसमें बेंतेहाँ, वो पत्थर ना होगा |

Thursday, September 9, 2010

तुझसे मोहब्बत है

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यूँ तो क्या था मैं, सिर्फ ज़र्रा ऐ ज़मीन,
खुद से पहचान, तेरे प्यार में खोकर किया हूँ |

सावन कितने आये जिंदगी में, रहा सहरा में,
तेरी मोहब्बत के सहारे, खुद को तर किया हूँ |

यूँ ठुकराया मुझको इस जहान ने, गम नहीं,
एक तेरे आगोशे मोहब्बत में, बसर किया हूँ |

सब दुःख तकलीफ,गम से तू दूर रहे,
ये दुआ मांगता हूँ,हर पल यही चाहत किया हूँ |

तेरे चेहरे पर हंसी खेलती रहे हमेशा,
खुद को फना, तेरी हंसी के दीदार पर किया हूँ |

Sunday, September 5, 2010

मंज़र-ऐ-जिंदगी

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मेरे इर्द गिर्द, ये मेरे आस पास
यूँ अचानक क्यूँ उड़ने लगी ख़ाक ख़ाक |

ये समां तो है सावन का फिर भी,
दिल क्यूँ जलने लगा, होने लगा राख राख |

मैंने तो बस इश्क किया, नहीं जुर्म कोई
फिर हर गली क्यूँ होने लगी मेरी बात बात |

Wednesday, July 7, 2010

खुशी की बात करते हैं

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चल आज उन बीते लम्हों को याद करते हैं,
क्यूँ रोये हम, कुछ खुशी की बात करते हैं |

तेरे चेहरे के नूर का असर इस क़दर,
वो मेरे चेहरे पर खुशी का आगाज़ करते हैं |

इतनी बार बोला तुमने हमसे, कि प्यार है,
लो आज हम भी इज़हार-ऐ-मोहब्बत करते हैं |

Tuesday, June 29, 2010

दिल तेरी चाहत कर रहा है

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गुजरते हुए वक्त भी, खुद बदल रहा है,
मुझे में तेरा प्यार कुछ और संवर रहा है |

ये जानते हो तुम भी, ना चाहा था मैंने
पर ख़ामोश कब से ये दिल जल रहा है |

रहा तू सदा बेखबर क्यूँ मुझसे, पूछता
तेरे ख़ातिर दिल क्या ख़याल बुन रहा है |

वस्ले वक्त अब सामने, खत्म है इन्तेज़ार,
दिल अब मिलन का इंतज़ार कर रहा है |

Wednesday, June 23, 2010

तेरा शुक्रिया कर रहा होता

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ऐ दोस्त अगर तेरी दोस्ती का सहारा ना होता,
गम की ना जाने किन गलियों में भटक रहा होता |

क्यूँ वक्त ने बना दिए हैं फासले हमारे बीच,
अगर होता बस में मेरे, फासले कम कर रहा होता |

टूटा टूटा, बिखरा बिखरा था यहीं कहीं,
तूने समेटा प्यार से, वरना मैं बिखरा ही रहा होता |

Tuesday, June 22, 2010

निःशब्द हूँ मैं

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क्यूँ स्तब्ध हूँ मैं,
परिस्थितिवश या प्रेमवश,
निःशब्द हूँ मैं |

जीवन से प्यारे रिश्तों को,
यहीं छोड़ जाना है, यही सोच,
निःशब्द हूँ मैं |

Saturday, June 19, 2010

कितनी भी करो मोहब्बत कम लगे ...

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यूँ तो अब शहद भी मीठा ना लगे,
महक गुलाबों की, खुशबू ना लगे |

जीयो तुम जानेमन जी भर के,
एक जिंदगी कम होगी,तुमको मेरी उम्र लगे |

हसरतें पूरी होंगीं सारी तेरी,
चाहे तुझे अभी अपनी, खुशियाँ कम लगे |

Sunday, May 23, 2010

जब वो ठंडी हवा का झोंका आया

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कल शाम मैं जब उठा था रो कर,
बोझिल अपने ख्यालों से थका हार कर,
अचानक ज़ेहन में तेरा हंसीं चेहरा आया |
जब वो ठंडी हवा का झोंका आया |

ले गया वो अपने साथ मुझे,
और फिर तेरी यादों से मिलवाया |
मेरे चेहरे पे रौनक लौटा लाया,
जब वो ठंडी हवा का झोंका आया |

Saturday, May 22, 2010

रास्ते और मिल जायेगें

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वो कहते हैं हमसे कि, क्यों दीवाने हो,
राहें ज़िन्दगी की और चलो, लोग और मिल जायेगें |

माना यूँ तो मिलेगें लोग जिंदगी में और बहुत ,
पर कैसे कहें आप जैसे हमें यूँ कहाँ से मिल जायेगें |

गर जाना होगा तुमको, आंसूं कैसे रोकेगें रास्ता,
मुस्कुराहटों से तुझे वापस आने के बहाने मिल जायेगें |