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Monday, August 30, 2010

देश परदेश - अपने पराये

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परदेस में बैठ कर, मेरा देश और अपना लगता है,
कभी सपनों को पूरा करना भी, एक सपना लगता है |

आये इतनी दूर यहाँ, कागज के टुकड़ों के खातिर,
खुद का जीवन, अब शाख से टूटा एक पत्ता लगता है |

खुद की आस, खुद की प्यास ना जाने कहाँ खो गयी,
चंद सिक्कों की भूख का असर दिल पे छाया लगता है |

Wednesday, June 23, 2010

तेरा शुक्रिया कर रहा होता

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ऐ दोस्त अगर तेरी दोस्ती का सहारा ना होता,
गम की ना जाने किन गलियों में भटक रहा होता |

क्यूँ वक्त ने बना दिए हैं फासले हमारे बीच,
अगर होता बस में मेरे, फासले कम कर रहा होता |

टूटा टूटा, बिखरा बिखरा था यहीं कहीं,
तूने समेटा प्यार से, वरना मैं बिखरा ही रहा होता |

Friday, May 14, 2010

मोहब्बत कम लगे

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यूँ तुझसे मेरा दिल अब जुड़ा जुड़ा सा लगे,
तेरे ख्वाब के आगे जहाँ का हर ख्वाब छोटा लगे |

डरता था हमेशा इश्क करने से, कतराता था मैं,
जिंदगी के इस मोड़ पर, तुझसे इश्क होता लगे |

पल में जाने आलम कैसे बदल गया सारा,
देखो अब इस फिज़ा में भी प्यार घुलता लगे |

Wednesday, March 31, 2010

अंतर्मन द्वंद : एक पंथी, एक प्रेमी और एक मित्र

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कर्म रथ है चलता रहता,
कर्म पथ है बदलता रहता,
ऐ पंथी तू काहे को घबराता |

समय चक्र यूँ चलता रहता,
सुख दुःख आता जाता रहता,
ऐ पंथी तू काहे को घबराता |

Sunday, March 28, 2010

यूँ वो मेरा दोस्त बना

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यूँ वो मेरा दोस्त बना |
चलते चलते यूँ  हमसफ़र बना,
यूँ वो मेरा दोस्त बना |

कभी वो मेरा राज़दार हुआ न हुआ |
ज़िन्दगी भर के लिए, हमराज़ बना,
यूँ वो मेरा दोस्त बना |

Monday, February 22, 2010

A Friendly Care !!!

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I know you are upset,
you are upset about it all,
no matter that is big or small.

you care for the people around you,
but never show them at all.