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Sunday, May 8, 2011

जब याद बहुत दिल करता है

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रोता हूँ मैं बहुत, कभी मैं हंस लेता हूँ
वज़हे-खुशी खातिर तुझको याद कर लेता हूँ
बहुत दिल करता है तो खत लिख लेता हूँ

Monday, April 11, 2011

सच हो या सपना

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वो मुक्त आकाश में पंछी स्वछंद
मेरी मित्र वो मेरे दिल की पसंद

जैसे हो ह्रदय की अविरामी गति
स्वयं राही है, वो स्वयं प्रगति

वो जैसे अधरों पे सजी मुस्कान
अतुल्य है उसका आत्मसम्मान

Saturday, March 26, 2011

जब से उनसे मोहब्बत है

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दिलबर करते नहीं ऐतबार मेरा पर तहे दिल रहते हैं
वो हैं राहों से कोसों दूर पर हमसफ़र का हक रखते हैं

दिले नादाँ का भी क्या कसूर जो फ़िदा हुआ उनपे
हमनफस वो चेहरे पर कुछ फरिश्तों जैसा नूर रखते हैं

हमज़मीं से हम बस साथ है जीते हैं इस जहाँ में,
मैंने कब और कौनसा वो मेरे वादों पे एतिकाद करते हैं

होगा ये शब भर का चाँद दुनिया के लिए बहुत दूर
हम तो रोज की तन्हाई में बस उससे ही बात करते हैं

Wednesday, February 16, 2011

मेरा प्यार - उसकी मोहब्बत

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सिर्फ तुम्हारा यूँ राहें चलते जाना नहीं है बड़ी बात,
ताकती है वो राह, इन्तेज़ार ये उसका, है बड़ी बात

याद आई उसकी, और बस तुमने आँसूं बहा लिए,
समेटना आंसूं को पलकों में ही उसका, है बड़ी बात

प्यार है तुमसे, कह तुमने कर लिया हल्का दिल,
खामोशी से बरसों उसका इश्क करना, है बड़ी बात

Sunday, January 23, 2011

कभी यूँ हुआ भी होता

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कभी मै के नशे का खुमार उतरा भी होता
लाख कोशिश की पर मैं उसको भूला भी होता

दूर रह कर जिस्म में साँसें ले रहा उसका प्यार
मैंने कभी उसको यादों से अलग किया भी होता

जिस पर निसार किया मैंने ये दिलो जाँ,
कभी तो उसकी जुबां से इकरार सुना भी होता

Sunday, January 2, 2011

यूँ मेरा दिल करे

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अब गैर सी हर पनाहों से गुजर जाने को दिल करे,
मैं हमराही नहीं, राहों से दूर निकल जाने को दिल करे

किसी के सहारे की ना आस ना आरजू है कोई ,
आसरे की हर ज़रुरत से अलग हो जाने को दिल करे

ख़ाक हो चुके गुलशने इश्क उस मगरूर खिज़ा में,
क्या ऐतबार, बहारों भी से परे चले जाने को दिल करे

Sunday, September 19, 2010

तेरे ख्यालों में

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समंदर की ताज तुम लहरें, कैसे तुम्हारा नसीब ना होगा
तैरोगी सरहदे समंदर, साहिल पे आके तुमको टूटना होगा |

मुझे दर्द ओ गम है, डर है तुमसे जुदाई का
डरता ना हो, ऐसा इस जहान में कोई इंसान ना होगा |

यूँ तो दिखलाता है बखूबी, कि तू पत्थर दिल है,
माने गर तेरी बात, सीने में धड़कन जैसा कुछ ना होगा |

पर उसमें भी है धड़कन, जो दिल तेरे सीने में हैं,
अब ज़ज्बात भरे हों जिसमें बेंतेहाँ, वो पत्थर ना होगा |

Wednesday, July 7, 2010

खुशी की बात करते हैं

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चल आज उन बीते लम्हों को याद करते हैं,
क्यूँ रोये हम, कुछ खुशी की बात करते हैं |

तेरे चेहरे के नूर का असर इस क़दर,
वो मेरे चेहरे पर खुशी का आगाज़ करते हैं |

इतनी बार बोला तुमने हमसे, कि प्यार है,
लो आज हम भी इज़हार-ऐ-मोहब्बत करते हैं |

Tuesday, June 29, 2010

दिल तेरी चाहत कर रहा है

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गुजरते हुए वक्त भी, खुद बदल रहा है,
मुझे में तेरा प्यार कुछ और संवर रहा है |

ये जानते हो तुम भी, ना चाहा था मैंने
पर ख़ामोश कब से ये दिल जल रहा है |

रहा तू सदा बेखबर क्यूँ मुझसे, पूछता
तेरे ख़ातिर दिल क्या ख़याल बुन रहा है |

वस्ले वक्त अब सामने, खत्म है इन्तेज़ार,
दिल अब मिलन का इंतज़ार कर रहा है |

Thursday, June 3, 2010

किस पर लिखूँ ?

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आज सोचता रहा तेरी किन अदाओं पर लिखूँ,
उन अदाओं से बार बार हुई मोहब्बतों पर लिखूँ |

अपने पहले पहल हुए मिलन की उत्सुकता पर,
या तेरे कूचे से वापसी की बोझिल साँसों पर लिखूँ |

उस दिन तेरे मेरे बीच की बातों मुलाकातों पर,
या उन बातों की मीठी मीठी यादों पर लिखूँ |

Saturday, May 1, 2010

अब उन्हें भी पता लगा

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जिंदगी ये साज़ सी सजने लगी,
सांसें ये सरगम सी बनने लगी |
लो, अब उन्हें भी पता लगा,
हमें उनसे मोहब्बत होने लगी |

पहली दफ़ा घर से उनके कूचे की,
ये सारी दूरियां कम लगने लगी |
लो, अब उन्हें भी पता लगा,
हमें उनसे मोहब्बत होने लगी |