
अब्र के साये में रह मैं बूंदों को तरसता हूँ
बेखबर दरिया पे बरसते बादल को देखता हूँ
खवाबों में उस हसीन के खवाब देखता हूँ ,
गुजरते पलों से दिली उम्मीदों को बुनता हूँ
Saturday, July 9, 2011
कुछ ख्वाब बुनता हूँ
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Akki
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11:45 PM
Labels: distant love , kavita , light-mood , loneliness , love , platonic love , Separation , stubborn , well wishes , words2you
Saturday, March 26, 2011
जब से उनसे मोहब्बत है
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दिलबर करते नहीं ऐतबार मेरा पर तहे दिल रहते हैं
वो हैं राहों से कोसों दूर पर हमसफ़र का हक रखते हैं
दिले नादाँ का भी क्या कसूर जो फ़िदा हुआ उनपे
हमनफस वो चेहरे पर कुछ फरिश्तों जैसा नूर रखते हैं
हमज़मीं से हम बस साथ है जीते हैं इस जहाँ में,
मैंने कब और कौनसा वो मेरे वादों पे एतिकाद करते हैं
होगा ये शब भर का चाँद दुनिया के लिए बहुत दूर
हम तो रोज की तन्हाई में बस उससे ही बात करते हैं
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Akki
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11:45 PM
Labels: distant love , happyness , hope , kavita , loneliness , love , platonic love , stubborn , well wishes , words2you
Tuesday, April 27, 2010
फ़रियाद खुदा से ...
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खुदा कोई जीने की नहीं तो, मरने की वजह दे दे |
उनके गम का सबब तो बता दिया तूने,
अब उसको मिटाने का कोई तो इल्म दे दे |
वो कहते हैं हमसे कि, मत करो इन्तेज़ार मेरा,
कैसे कहें उससे की वो, उन्हें भूलने की वजह दे दे |
Written by
Akki
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11:45 PM
Labels: hope , love , pain , platonic love , well wishes , words2you
Saturday, March 20, 2010
उल्फ़त की उलझन
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लड़ रहा हूँ ना जाने किस से, जब रणभूमि है सुनसान,कुछ भी नहीं वहाँ, बस है एक खाली मैदान |
कोई नहीं है, कोई जो दे शाह या मात,
फिर क्यों लगे है, युद्ध यहाँ चढ़ा है परवान |
पूछूं किस से, मेरे दिल में भी कुछ सवाल हैं,
जिन्होंने मचाया है, मेरे तसूव्वर में तूफान |
कौन जाने कौन है साथ, कौन छोड़ देगा साथ,
उनके जाने का डर है साथ, चाहे मान ना मान |
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Akki
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12:23 PM
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